सरकार ने 500 रुपए से कम दाम के फुटवियर पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया है..
कई दुकानदार जीएसटी से बचने के लिए एक जोड़ी जूते को अलग-अलग करके बेंच रहे हैं. प्रतीकात्मक फोटो: gettyimages
सरकार द्वारा जीएसटी लागू किए जाने का एकतरफ जहां कुछ लोगों ने समर्थन किया है वहीं कई राजनैतिक दलों और लोगों ने इसका विरोध किया है. लेकिन अब जीएसटी लागू तो हो गया ऐसे में विरोध करने से कुछ फायदा होता भी नहीं दिख रहा तो लोगों ने अब इसका तोड़ निकालना शुरू कर दिया है. कई दुकानदार जीएसटी से बचने के लिए एक जोड़ी जूते को अलग-अलग करके बेंच रहे हैं.
दुकानदार एक जोड़ी फुटवियर को दो अलग-अलग प्रॉडक्ट की तरह बेच रहे हैं और इसके लिए दो बिल भी काट रहे हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 500 रुपए से कम दाम के फुटवियर पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया है और उससे अधिक कीमत के फुटवियर पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगाया है.
मान लीजिए एक जोड़ी फुटवियर की कीमत 900 रुपए है तो दुकानदार 450-450 रुपए के दो बिल बना रहे हैं इस पर उन्हें कुल 10 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ेगा लेकिन अगर वो 900 रुपए का एक बिल काटेगा तो 18 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ेगा.
दरअसल यह सब पुराने स्टॉक पर टैक्स बचाने के लिए किया जा रहा है.
कई दुकानदार जीएसटी से बचने के लिए एक जोड़ी जूते को अलग-अलग करके बेंच रहे हैं. प्रतीकात्मक फोटो: gettyimages
सरकार द्वारा जीएसटी लागू किए जाने का एकतरफ जहां कुछ लोगों ने समर्थन किया है वहीं कई राजनैतिक दलों और लोगों ने इसका विरोध किया है. लेकिन अब जीएसटी लागू तो हो गया ऐसे में विरोध करने से कुछ फायदा होता भी नहीं दिख रहा तो लोगों ने अब इसका तोड़ निकालना शुरू कर दिया है. कई दुकानदार जीएसटी से बचने के लिए एक जोड़ी जूते को अलग-अलग करके बेंच रहे हैं.
दुकानदार एक जोड़ी फुटवियर को दो अलग-अलग प्रॉडक्ट की तरह बेच रहे हैं और इसके लिए दो बिल भी काट रहे हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 500 रुपए से कम दाम के फुटवियर पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया है और उससे अधिक कीमत के फुटवियर पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगाया है.
मान लीजिए एक जोड़ी फुटवियर की कीमत 900 रुपए है तो दुकानदार 450-450 रुपए के दो बिल बना रहे हैं इस पर उन्हें कुल 10 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ेगा लेकिन अगर वो 900 रुपए का एक बिल काटेगा तो 18 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ेगा.
दरअसल यह सब पुराने स्टॉक पर टैक्स बचाने के लिए किया जा रहा है.
